माँ ने कहा था
माँ ने कहा था
कोरोना वायरस के चलते पूरे 21 दिनों का कर्फ़्यु लगा दिया गया था । चारों ओर पुलिस चौकस थी । पुलिस वैन के सायरन की आवाजें लोगों को याद दिला रही थी कि सड़क पर नहीं निकलने का निर्देश है । मात्र 8 से 11 बजे के मध्य जरूरी सामान को खरीदने के लिए ही लोग घर के बाहर जा सकते थे ।
पुलिस बाहर बिना वजह निकलने पर खूब मार रही थी । जिसके वीडियो तेजी से वायरल भी हो रहे थे । लगभग दोपहर के एक बजे का समय रहा होगा । वह युवक एक बड़ा - सा झोला लिए घर से बाहर की ओर निकला ।
सामने ही पुलिस के दो - तीन जवान खड़े थे । वह सीधा उसकी तरफ बढ़े और उससे बिना कुछ पूछे दो - तीन डंडे मार दिए । वह दर्द से बिलबिला गया । एक पुलिस वाले ने पूछा , 'क्यों रे , क्यों बाहर निकला है ?'
उसने अपनी पीड़ा को दबाते हुए झोले में से फूड पैकेट निकाल कर उन्हें देते हुए कहा , 'आप सबके लिए मेरी मां ने भिजवाए थे ।' दूसरे पुलिस वाले ने आश्चर्य से कहा , 'हम सबके लिए !'
लड़का बोला , कह रही थीं , 'पापा भी पुलिस में थे । ऐसे ही देश के लिए दिन रात ड्यूटी करते थे । उन्हें कभी खाने को मिलता था तो कभी नहीं । इसलिए मैं आप लोगों को यह देने आया था ।'
खाने के पैकेट को पुलिसकर्मियों ने उसके हाथों से ले लिया था । लेकिन वह युवक से किस मुंह से माफी मांगे , वह तरीका पुलिस वाले नहीं सोच पा रहे थे । युवक खाने के पैकेट देकर घर की ओर जाने को पलट गया था । पुलिस वाले मौन उसे जाते हुए देखते रह गए ।

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